Answer
Key – Hindi B HL
उत्तर कुंजी (Answer
Key)
प्रश्न पत्र-1
पाठांश क — लुप्त होती
लोकगीत परंपरा
✍🏻 भाग – क : लघु उत्तरीय
प्रश्नों के उत्तर
1. लोकगीत खेतों की हरियाली, घरों की देहरी, पर्व-त्योहार, शादी-ब्याह आदि जीवन के
विविध पक्षों से जुड़े रहे हैं।
2. उनके अनुसार लोकगीत समाज की स्मृति, चेतना और भावनाओं की
सांस्कृतिक अभिव्यक्ति हैं।
3. उन्होंने कहा कि तकनीकी युग में श्रम कम हो गया है, जिससे श्रम से जुड़ी गीत
परंपराएँ भी कम होती जा रही हैं।
4. उन्होंने अपने विद्यालय में "लोकगीत सप्ताह" आरंभ
किया जिसमें बच्चे अपने दादी-नानी से गीत सीखकर प्रस्तुति देते हैं।
5. भाग – ख : तीन सही कथनों का चयन
सही कथन हैं: ख., घ. , च
भाग – ग : रिक्त
स्थान भरिए
1.
पर्वों, तीज-त्योहारों
2.
भावनाओं
- लोकगीतों
- एक पीढ़ी
- जीवन
पाठांश ख : गंगा का वरदान"
भाग A: रेखांकित शब्दों पर
आधारित प्रश्नों के उत्तर
6.
रामू काका के लिए।
- किरण के लिए।
- रामू काका के लिए।
- लेखक यह बताना चाहता
है कि रामू काका ने दूसरों की जान बचाने के लिए बिना अपनी चिंता किए तुरंत
निर्णय लिया और साहसपूर्वक कार्य किया।
- किरण।
भाग B: संदर्भ समझिए
16. "रामू काका ने बिना सोचे-समझे अपनी नाव
लेकर गंगा की लहरों से लड़ने निकल पड़े।"
भाग C: शब्दार्थ
17. जलस्तर – घ. पानी की ऊँचाई
18. विकराल – ङ. भयानक/डरावना
19. सेवा – क. मदद या
परोपकार
20. सँवारा – ज. सुधारना/बेहतर
बनाना
भाग D: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
21.✔ (घ) दया
14.
✔ (ग) आपसी जिम्मेदारी का
15.
✔ (क) वह रामू काका के
विश्वास को समझना चाहता था
पाठांश ग- भाग
“बुलेट ट्रेन – गति और
प्रगति का प्रतीक” के आधार पर:
✅ उत्तर कुंजी (प्रश्न 24–28)
24. उत्तर: ❌ गलत
औचित्यः “इस परियोजना का एक बड़ा उद्देश्य केवल यातायात को तेज़ करना
ही नहीं, बल्कि भारत में उच्च तकनीक को विकसित करना भी है।”
25. उत्तर: ✅ सही
औचित्यः “यह देश में तकनीकी विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम
माना जा रहा है।”
26. उत्तर: ❌ गलत
औचित्यः “सुरक्षा के लिए आधुनिक सेंसर, कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम
और GPS तकनीक का प्रयोग किया जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना नगण्य रहेगी।”
27. उत्तर: ✅ सही
औचित्यः “स्टेशन के आसपास शहरीकरण, बेहतर सड़कों, होटल्स, व्यवसाय और नए
आवास क्षेत्रों का विकास होगा।”
28. उत्तर: ❌ गलत
औचित्यः “इसमें यात्रियों को आरामदायक सीटें, डिजिटल सूचना
प्रणाली, स्वचालित दरवाज़े, और साउंडप्रूफ डिब्बे जैसी सुविधाएँ मिलेंगी।”
- आधुनिकीकरण – “भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा…”
- रफ्तार – “तेज़ रफ्तार और अत्याधुनिक सुविधाओं…”
- नियंत्रण प्रणाली – “कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम…”
- प्रस्तावित – “प्रस्तावित यह बुलेट ट्रेन परियोजना…”
- ध्वनि से मुक्त – “साउंडप्रूफ डिब्बे…”
भाग C:
- ग. रेलवे में नया अध्याय
- ख. भारत-जापान सहयोग
- क. गति का भविष्य
- घ. सुरक्षा और नियंत्रण
- ङ. बुलेट ट्रेन से बदलता भारत
इकाई-2
पाठांश क — वर्ण व्यवस्था:
एक सामाजिक संरचना
✍🏻 भाग – क : लघु उत्तरीय
प्रश्नों के उत्तर
1समाज के सुचारु संचालन हेतु एक व्यवस्थित प्रणाली के रूप में वर्ण व्यवस्था की
स्थापना की गई थी।
2. व्यक्ति की प्रकृति, योग्यता और कर्म के आधार पर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र वर्ग बनाए
गए थे।
3. व्यक्ति की योग्यता और कर्म के आधार पर वर्ण परिवर्तन संभव
था।
4. डॉ. अंबेडकर ने भारतीय संविधान में अनुसूचित जातियों और
जनजातियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जिससे वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप
से सशक्त बन सकें।
5. भाग – ख : तीन सही कथनों का चयन
सही कथन हैं: ख. , ग. , ङ
भाग – ग : रिक्त
स्थान भरिए
14. योग्यता
- विद्वत्ता
- जाति व्यवस्था में बदल गई।
- अनुसूचित जातियों
- शिक्षा
पाठांश ख "नदी की
पुकार"
भाग A: रेखांकित शब्दों पर आधारित
प्रश्नों के उत्तर
19. गाँव के लोग।
- बहता हुआ जल या नदी की धारा।
- यह दर्शाता है कि गाँव के लोगों ने मिलकर एकता और
सहयोग से काम किया।
- वह व्यक्ति जो जल स्रोतों की देखभाल और संरक्षण करता
है।
भाग B: संदर्भ समझिए
23. जब उन्होंने नदी में प्लास्टिक, कूड़ा और गंदगी डालनी शुरू
कर दी थी।
- जब गर्मियों में जल संकट आया और गोमती देवी ने बच्चों
को नदी को साफ़ करने की प्रेरणा दी।
भाग C: शब्दार्थ
|
प्रश्न संख्या
|
शब्द
|
सही अर्थ
|
विकल्प
|
|
17
|
|
|
क
|
|
18
|
|
|
घ
|
|
19
|
|
|
ख
|
|
20
|
|
|
ग
|
भाग D: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
21.
✔ (ग) क्योंकि
लोगों ने नदी को गंदा किया
22.
✔ (घ) जब पानी की
कमी महसूस हुई
- ✔ (ख) जल और प्रकृति की रक्षा ज़रूरी है
पाठांश ग - उत्तर कुंजी
भाग A:
24. गलत
औचित्य: “यह न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि पारंपरिक
शिक्षा और सांस्कृतिक धरोहर का वाहक भी है।”
25. गलत
औचित्य: “धागों के सहारे कलाकार उन्हें मंच पर जीवंत रूप देते हैं।”
26. सही
औचित्य: “राजस्थान में यह परंपरा विशेष रूप से भाट समुदाय से जुड़ी
रही है।”
27. सही
औचित्य: “इन नाटकों में हास्य, व्यंग्य और नीति-कथाएँ भी
होती हैं।”
28. गलत
औचित्य: “यह कला अब विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, विद्यालयी
कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान पुनः बना रही है।”
भाग B:
29. धरोहर: सांस्कृतिक
धरोहर
30. संवाद का माध्यम: सामाजिक संदेशों का माध्यम
31. रंग-बिरंगी सजावट: रंग-बिरंगे कपड़ों से सजाया
32. ऐतिहासिक वीर: राणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान
33. विलुप्त होती परंपरा: विलुप्त होती
कला
भाग C:
34. [-34-] → घ. लोकगाथा की नाट्य शैली
35. [-35-] → ग. मंच पर जीवंत दृश्य
36. [-36-] → ख. भाटों की परंपरा
37. [-37-] → क. कला का सामाजिक पक्ष
38. [-38-] → ङ. बदलते दौर में पुनरुत्थान
इकाई-3
पाठांश क — क्यों खत्म हो
रही नुक्कड़ नाटक की परंपरा
✍🏻 भाग – क : लघु उत्तरीय
प्रश्नों के उत्तर
1. जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करना और सामाजिक मुद्दों पर
जन-जागरण करना।
2. ‘जन नाट्य मंच’ जैसे संगठनों ने।
3. टेलीविजन, सोशल मीडिया और यूट्यूब जैसे साधनों ने लोगों का ध्यान बाँट
दिया, जिससे नुक्कड़ नाटकों की प्रासंगिकता कम हो गई।
4. वे त्वरित और दृश्यात्मक मनोरंजन के अभ्यस्त हो चुके हैं और
15–20 मिनट का नाटक
उनके धैर्य की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।
5. भाग – ख : तीन सही कथनों का चयन
6. सही कथन हैं: ख., ग, ङ.
भाग – ग : रिक्त
स्थान भरिए
4.
किसी चौराहे पर
5.
नुक्कड़ नाटक
- धीमा, अव्यवसायिक
- प्रशासनिक अनुमति, शोर-नियम और
सुरक्षा
- एनजीओ
पाठांश ख - “भेड़चाल”
भाग A: रेखांकित शब्दों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर
9.
बिना सोच-विचार किए दूसरों
के निर्णय या मार्ग का अनुसरण करना।
- गाँव के बुज़ुर्गों और
पड़ोसियों ने मनोज के पिता से यह बात कही, क्योंकि वे मानते थे कि पढ़ाई से कुछ नहीं होता और शहर
जाकर काम करना ही सही रास्ता है।
- मनोज।
- व्यक्ति को स्वयं
सोच-समझकर अपने जीवन का निर्णय लेना चाहिए, न कि दूसरों की नकल करनी चाहिए।
भाग B: संदर्भ समझिए
13.
उसने अपने हुनर और बुद्धि
का उपयोग नहीं किया और एक ऐसे काम में लग गया जो उसके योग्य नहीं था, जिससे उसका
आत्मविश्वास भी कम हो गया।
- जब एक ग्राहक ने उसे
पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी, तब उसे एहसास हुआ कि
वह अधिक योग्य कार्य कर सकता है और उसने फिर से पढ़ाई शुरू की।
भाग C: शब्दार्थ
|
प्रश्न संख्या
|
|
सही अर्थ
|
विकल्प
|
|
18
|
|
|
क
|
|
19
|
|
|
ख
|
|
20
|
|
|
ग
|
|
21
|
|
|
घ
|
भाग D: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
22. ✔ (ख) उसके पिता ने ज़बरदस्ती
भेजा
23. ✔ (ग) क्योंकि एक ग्राहक ने
प्रेरणा दी
- ✔ (घ) सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए
पाठांश ग - भाग A – सही/गलत
25. गलत
औचित्य: “आजकल स्मार्टफोन... चिकित्सा जाँच में भी AI का उपयोग किया
जा रहा है।”
26. सही
औचित्य: “रोबोट अब सर्जरी कर सकते हैं... चिकित्सा में AI का प्रयोग हो
रहा है।”
27. गलत
औचित्य: “इसके कुछ खतरे और नैतिक प्रश्न भी सामने आ रहे हैं।”
28. सही
औचित्य: “AI-आधारित सॉफ़्टवेयर किसी छात्र की शैली को समझकर...”
29. गलत
औचित्य: “शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, सुरक्षा, परिवहन और मनोरंजन – हर क्षेत्र में…”
भाग B – शब्दार्थ
30. सोचने की क्षमता: बुद्धि
31. नैतिक उलझनें: नैतिक प्रश्न
32. अत्यधिक प्रभाव: महत्वपूर्ण भूमिका
33. सटीकता का पर्याय: अधिक सटीक
34. मानव के समान कार्य करने वाली प्रणाली: कृत्रिम बुद्धि
भाग C – शीर्षक पूर्ति
35. [-34-] → ङ. परिवर्तन की नई लहर
36. [-35-] → ग. परिभाषा और दैनिक जीवन
37. [-36-] → क. हर क्षेत्र में AI
38. [-37-] → घ. तकनीकी युग की चुनौती
39. [-38-] → ख. तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग
इकाई-4
पाठांश क — आधुनिक मॉल
संस्कृति और बाज़ारों की रौनक
भाग – क : लघु उत्तरीय
प्रश्नों के उत्तर
1. मॉल संस्कृति के विकास के पीछे कौन-कौन से कारक जिम्मेदार
हैं?
उत्तर: शहरीकरण, उपभोक्तावाद और वैश्वीकरण
जैसे कारक मॉल संस्कृति के विकास के लिए जिम्मेदार हैं।
2. मॉल्स ने पारंपरिक बाज़ारों पर क्या प्रभाव डाला है?
उत्तर: मॉल्स की सुविधा
और आकर्षण के कारण पारंपरिक हाट-बाज़ारों की चहल-पहल और मानवीय संवाद घट गया है और
छोटे दुकानदारों को प्रतिस्पर्धा में कठिनाई हो रही है।
3. युवा वर्ग मॉल संस्कृति की ओर क्यों आकर्षित है?
उत्तर: क्योंकि मॉल्स
में उन्हें सुविधा, ब्रांड और मनोरंजन एक साथ मिलते हैं।
4. हाट-बाज़ारों में किन सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं की
उपस्थिति थी?
उत्तर: हाट-बाज़ारों में
लोकजीवन, परंपरा, मौलिकता और आपसी संवाद जैसी सांस्कृतिक विशेषताएँ मौजूद थीं
जो सामाजिक जुड़ाव को बढ़ाती थीं।
भाग – ख : तीन सही कथनों
का चयन
सही कथन हैं:
2,4,5
भाग – ग : रिक्त
स्थान भरिए
- मॉल्स में केवल
ख़रीदारी ही नहीं, बल्कि मनोरंजन और समय
बिताने की जगह भी होती है।
- मॉल्स ने बाज़ार की परिभाषा
ही बदल दी है।
- पारंपरिक बाज़ारों
की चहल-पहल, मोलभाव और मानवीय संवाद अब कम होते
जा रहे हैं।
- हाट-बाज़ारों का
संबंध केवल व्यापार नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव से भी
था।
- मॉल्स सुविधा प्रदान
करते हैं, जबकि हाट-बाज़ार संस्कृति और संवेदना
से जोड़ते हैं।
पाठांश ख - “सोने पे
सुहागा”
भाग A: रेखांकित शब्दों पर आधारित
प्रश्नों के उत्तर
- 'धातु के बर्तन' से लेखक क्या संकेत
देना चाहता है?
उत्तर: यह उस खजाने की ओर संकेत करता है जो हरिराम को
खेत में मिला, जो उसके जीवन में बदलाव का कारण बना।
- "चमचमाते सिक्के" — यह किसकी ओर संकेत करता है?
उत्तर: यह संकेत करता है उस छिपे हुए खजाने की ओर जो
हरिराम को खेत में मिला था।
- 'सेवा का भाव' से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: दूसरों की भलाई के लिए निःस्वार्थ काम करने की
भावना।
- "यही होता है ‘सोने पे सुहागा’" — लेखक क्या
समझाना चाहता है?
उत्तर: जब मेहनत और सच्चाई के साथ सौभाग्य जुड़ जाए और
उसका उपयोग दूसरों की भलाई में किया जाए, तो वह ‘सोने पे
सुहागा’ होता है।
भाग B: संदर्भ समझिए
- हरिराम की ईमानदारी ने उसे क्या सिखाया और उसका क्या
फल मिला?
उत्तर: उसकी ईमानदारी ने उसे दूसरों की सेवा और सही
दिशा में धन का उपयोग करना सिखाया; फलस्वरूप, उसका जीवन सुधर गया और वह समाज के लिए उपयोगी बन सका।
- हरिराम ने धन का कैसे उपयोग किया?
उत्तर: उसने खेतों की मिट्टी सुधारी, गाय खरीदी, बेटे को पढ़ने भेजा और
गाँव में पुस्तकालय बनवाई।
भाग C: शब्दार्थ
|
प्रश्न संख्या
|
शब्द
|
सही अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
बंजर
|
जो खेती योग्य न हो
|
क
|
|
8
|
ईमानदारी
|
सच्चाई और नैतिकता का पालन
|
ख
|
|
9
|
सौभाग्य
|
भाग्य से प्राप्त अवसर
|
ग
|
|
10
|
सुहागा
|
किसी अच्छी चीज़ पर और भी श्रेष्ठता
|
घ
|
भाग D: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
- हरिराम को खजाना कहाँ मिला था?
✔ (ग) खेत में हल चलाते समय
- हरिराम ने अपने बेटे को क्या बनाने भेजा?
✔ (घ) शिक्षक
- ‘सोने पे सुहागा’ का सही अर्थ क्या है?
✔ (ग) अच्छे में और भी अच्छाई जुड़ना
पाठांश
ग - भाग A:
24. गलत
औचित्य: “यह परंपरा न सिर्फ़ बच्चों बल्कि युवाओं, बुज़ुर्गों और
पूरे समाज के लिए…”
25. गलत
औचित्य: “मांझा – यानी पतंग की डोर – को काँच पाउडर से तेज़ किया
जाता है…”
26. सही
औचित्य: “मांझे के कारण कई बार पक्षियों को गंभीर चोटें लगती हैं…”
27. गलत
औचित्य: “यह केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, सामाजिक मेल-जोल का भी
माध्यम बन जाती है।”
28. सही
औचित्य: “बायोडिग्रेडेबल डोर... नियंत्रित पतंगबाज़ी जैसे उपाय अपनाए
जा रहे हैं।”
भाग B:
29. रोमांचकारी: उत्सव
30. परंपरा: लोक परंपरा / शौक
31. प्रतिस्पर्धा का भाव: मुकाबले
32. पर्यावरणीय चिंता: पक्षियों को गंभीर चोटें
लगना
33. सामाजिक मेलजोल का माध्यम: छतों पर लोगों
का इकट्ठा होना
भाग C:
34. [-34-] → ख. उत्सव का उत्साह
35. [-35-] → क. ऐतिहासिक झरोखा
36. [-36-] → ग. पतंगबाज़ों की पुकार
37. [-37-] → घ. पारंपरिक अभ्यास और जोखिम
38. [-38-] → ङ. ज़िम्मेदार पतंगबाज़ी की ओर
इकाई-5
पाठांश क — अपना स्वरूप खो
रही हैं स्थानीय भाषाएँ
✍🏻 भाग – क : लघु उत्तरीय
प्रश्नों के उत्तर
1. भारत की भाषाई विविधता को क्यों महत्वपूर्ण माना गया है?
उत्तर: क्योंकि हर कुछ
किलोमीटर पर भाषा या बोली बदल जाती है और यह विविधता भारतीय संस्कृति की आत्मा
मानी जाती है।
2. स्थानीय भाषाओं के समाप्त होने से समाज पर क्या प्रभाव
पड़ता है?
उत्तर: इससे उस समाज की
विशिष्ट सोच, ज्ञान, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान भी समाप्त हो जाती है।
3. आज की युवा पीढ़ी स्थानीय भाषाओं से क्यों दूर हो रही है?
उत्तर: क्योंकि उन्हें
लगता है कि स्थानीय भाषा बोलने से वे पिछड़े माने जाएँगे और उन्हें शिक्षा या
सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए अंग्रेज़ी या शहरी भाषाएँ अपनानी चाहिए।
4. तकनीकी विकास ने स्थानीय भाषाओं को किस प्रकार प्रभावित
किया है?
उत्तर: मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया
पर मुख्यतः अंग्रेज़ी या हिंदी की सामग्री उपलब्ध होने के कारण युवाओं की पहुँच
स्थानीय भाषाओं तक सीमित हो गई है।
भाग – ख : तीन सही कथनों
का चयन
सही कथन हैं:
i. 2
ii. 5
iii. 6
भाग – ग : रिक्त स्थान
भरिए
- जब कोई भाषा मरती है, तो उस समाज
की विशिष्ट सोच, ज्ञान और इतिहास का अंत हो
जाता है।
- परिवारों में भी अब स्थानीय भाषाओं का
प्रयोग घटता जा रहा है।
- स्थानीय भाषा बोलने
से लोग स्वयं को पिछड़ा समझने लगते हैं।
- सोशल मीडिया पर
मुख्यतः अंग्रेज़ी या हिंदी का बोलबाला
है।
- किसी भाषा का मूल्य
उसकी उपयोगिता नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक विरासत में होता
है।
पाठांश ख
- “घरौंदा”
वर्कशीट
भाग A उत्तर
- यह किसने और कब कहा?
उत्तर: दादी ने घर ढहने के समय रात में कहा।
- आर्या ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: क्योंकि उसका प्यारा घर बारिश और भूस्खलन से ढह
गया था।
- इस पंक्ति से लेखक क्या बताना चाहता है?
उत्तर: कि घर केवल ईंट-पत्थर से नहीं बनता, उसमें रिश्तों और भावनाओं का भी योगदान होता है।
- यह किसने और किस संदर्भ में कहा?
उत्तर: मीनाक्षी दीदी ने आर्या द्वारा बनाए गए चित्र
को देखकर कहा।
भाग B उत्तर
- घर खोने के बाद कठिनाइयाँ –
उत्तर: उन्हें राहत शिविर में अस्थायी रूप से रहना
पड़ा, स्कूल बंद हो गया, और जीवन अस्त-व्यस्त
हो गया।
- "घरौंदा" का प्रतीकात्मक अर्थ –
उत्तर: यह केवल भौतिक घर नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा, प्यार और अपनापन का प्रतीक है।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
राहत शिविर
|
आश्रय की अस्थायी जगह
|
क
|
|
8
|
कल्पना
|
सोच में कोई दृश्य बनाना
|
ख
|
|
9
|
ढहना
|
गिरना या टूटना
|
ग
|
|
10
|
प्रतीकात्मक
|
संकेत या भाव से जुड़ा हुआ
|
घ
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ग) बारिश और भूस्खलन के कारण
- ✔ (ख) चार्ट पर घर बनाया
- ✔ (ग) घर केवल दीवारों से नहीं बनता
पाठांश ग - सही / गलत
24. गलत
औचित्य: “यह सूर्य देवता की उपासना और प्रकृति के साथ तादात्म्य
स्थापित करने का पर्व है।”
25. सही
औचित्य: “महिलाएँ — जिन्हें ‘व्रती’ कहा जाता है — कठोर व्रत रखती
हैं…”
26. गलत
औचित्य: “व्रती स्वयं पूरे अनुष्ठान की संचालिका होती हैं।”
27. सही
औचित्य: “इसमें… सामाजिक एकजुटता और पर्यावरण के प्रति सम्मान भी
समाहित होता है।”
28. गलत
औचित्य: “यह पर्व अब… वैश्विक स्तर पर फैल चुका है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. तादात्म्य: संबंध या
जुड़ाव
30. व्रती: व्रत रखने वाली महिला
31. शुद्धता का प्रतीक: ठेकुआ, फल, गन्ना आदि
32. सांस्कृतिक पहचान: बिहारियों का पर्व जो
विदेशों तक फैला
33. धार्मिक आयोजन का स्थान: घाट / नदी /
तालाब
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → क. प्रकृति की उपासना
35. [-35-] → ङ. श्रद्धा और अनुष्ठान
36. [-36-] → ख. बिना मूर्ति की पूजा
37. [-37-] → ग. अनुशासन और शुचिता का पर्व
38. [-38-] → घ. लोक से विश्व तक
इकाई-6
पाठांश क — युवाओं में बढ़ता
तनाव
भाग – क : लघु
उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर
1. शैक्षणिक दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की होड़ और
अत्यधिक अपेक्षाएँ।
2. ‘FOMO का अर्थ है "Fear of Missing Out" — यानी कुछ छूट जाने का डर।
यह मानसिक स्थिति युवाओं को बेचैन बनाए रखती है, खासकर सोशल मीडिया पर
दूसरों की सफल जिंदगी देखकर।
3. संयुक्त परिवारों की जगह एकल परिवारों के बढ़ने से संवाद की
कमी हुई है, जिससे युवा अकेलेपन और अवसाद का शिकार हो जाते हैं।
4. मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और शैक्षणिक जीवन पर; जैसे सिरदर्द, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, पढ़ाई में मन न लगना आदि।
5. भाग – ख : तीन सही कथनों
का चयन
सही कथन हैं:
i. 2
ii. 4
iii. 6
भाग – ग : रिक्त
स्थान भरिए
6. शिक्षा, करियर, पारिवारिक अपेक्षाएँ और तकनीकी जीवनशैली ने युवाओं के
मानसिक संतुलन को प्रभावित किया है।
- स्कूल और कॉलेजों
में परामर्श केंद्र, योग, ध्यान जैसे
प्रयास ज़रूरी हैं।
- लगातार तनाव सिरदर्द, अनिद्रा और ध्यान
भटकाव जैसी समस्याएँ उत्पन्न करता है।
- युवा अपनी समस्याएँ
बाँट नहीं पाते, जिससे वे अकेलेपन और अवसाद के
शिकार हो जाते हैं।
- असफलता अंत नहीं
बल्कि एक अनुभव है।
पाठांश ख -
गाँव की पुकार”
भाग A उत्तर
11.
'अकेला' स्थिति – गाँव के उजड़ने, लोगों के पलायन और उपेक्षा
की स्थिति को दर्शाता है।
- रवि का प्रश्न – उसने गाँव की सूखी
ज़मीन और उदास माहौल देखकर यह पूछा।
- परियोजना का उद्देश्य – बसेरा
गाँव को पुनर्जीवित करना, जल स्रोतों को ठीक करना और सामूहिक सहयोग से विकास
लाना।
- लेखक का संकेत – अगर हम अपने गाँव या
मूल की पुकार को समझें और प्रयास करें, तो परिवर्तन संभव है।
भाग B उत्तर
15.
गाँव की दुर्दशा के कारण – युवाओं का
पलायन, खेतों की उपेक्षा, जल संकट और सामाजिक उदासीनता।
- रवि की पहल से परिवर्तन – कुआँ
पुनर्जीवित हुआ,
खेतों में हरियाली आई, गाँव के लोग जागरूक
हुए और जीवन में फिर से उमंग लौटी।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
सही अर्थ
|
विकल्प
|
|
17
|
बंजर
|
सूखी और उपजाऊ न हो
|
क
|
|
18
|
पुनरुत्थान
|
फिर से जीवित करना
|
ख
|
|
19
|
हताश
|
निराश या उदास होना
|
ग
|
|
20
|
परियोजना
|
कार्ययोजना या योजना
|
घ
|
भाग D उत्तर (MCQs)
21.
✔ (ख) गाँव की मदद
करने की योजना बनाएगा
22.
✔ (ग) गाँववालों
और छात्रों के प्रयास से
- ✔ (ग) सामूहिक प्रयास से बदलाव संभव है
भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “यह पर्व विशेष रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाता है…”
25. सही
औचित्य: “झूला झूलना इस पर्व का सांस्कृतिक प्रतीक बन गया है…”
26. गलत
औचित्य: “झूला झूलना नारी-मुक्ति, आनंद और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है।”
27. गलत
औचित्य: “कई विद्यालयों, सांस्कृतिक संस्थानों और समुदायों द्वारा तीज महोत्सव का आयोजन कर परंपरा को जीवित रखा जा रहा है।”
28. सही
औचित्य: “इन लोकगीतों में विरह, सौंदर्य, प्रेम और वर्षा ऋतु का रोमांच गूंजता है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. सौंदर्य प्रदर्शन: साज-सज्जा, श्रृंगार
30. पारंपरिक गान: लोकगीत
31. सांस्कृतिक उत्सव: तीज महोत्सव
32. नारी-उल्लास: स्त्री जीवन का उत्सव
33. भावनात्मक अभिव्यक्ति: गीत, झूला, समवेत मिलन
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → ख. सावन का श्रृंगार
35. [-35-] → घ. सामाजिक एकता और परंपरा
36. [-36-] → ग. लोकगीतों की गूंज
37. [-37-] → क. स्त्री जीवन का उत्सव
38. [-38-] → ङ. आधुनिकता में परंपरा का संरक्षण
इकाई-7
उत्तर कुंजी (Answer
Key)
पाठांश क — क्यों
अलग-थलग रहते हैं आदिवासी
भाग – क : लघु
उत्तरीय उत्तर
1. क्योंकि वे दूरस्थ क्षेत्रों में रहते हैं, शिक्षा-संवाद की कमी है, और उन्हें ऐतिहासिक
उपेक्षा व सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
2. उन्हें विकास कार्यों के नाम पर उनकी ज़मीन से बेदखल कर
दिया गया, और उचित पुनर्वास या मुआवज़ा नहीं मिला।
3. क्योंकि उन्हें डर है कि बाहरी रीति-रिवाज अपनाने से उनकी
परंपराएँ मिट जाएँगी।
4. उन्हें अब भी ‘असभ्य’, ‘पिछड़ा’ या ‘अनपढ़’ समझा जाता है जिससे वे
मुख्यधारा में घुल-मिल नहीं पाते।
भाग – ख : तीन
सही कथन
सही कथन हैं:
i. 2
ii. 4
iii. 5
भाग – ग : रिक्त
स्थान भरिए
- आदिवासी समाज
प्राकृतिक परिवेश में रहता है और अपनी रीति-रिवाज और
मान्यताओं को सहेजकर आज भी जीवित है।
- अंग्रेज़ों के समय
से ही आदिवासियों को उनके जल, जंगल और
ज़मीन से बेदखल किया जाता रहा है।
- संस्कृति की रक्षा
के लिए आदिवासी बाहरी समाज की भाषा और रहन-सहन को अपनाने
से हिचकते हैं।
- समाज में अब भी
उन्हें 'पिछड़ा' या 'असभ्य' समझा जाता
है।
- संविधान में
आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा
दिया गया है।
पाठांश ख - “मजदूरी का मोल”
वर्कशीट
भाग A उत्तर
10.
'सपनों का बोझ' – बेटी की पढ़ाई, अच्छे भविष्य
और ज़िम्मेदारियों को पूरा करने की चिंता।
- क्यों सोचा – क्योंकि उसने अमीर
बच्चे को गाड़ी में जाते देखा और अपनी बेटी के लिए भी वैसा ही सपना देखा।
- भावार्थ – रामदीन को लगता है कि
बेटी की शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, भले ही वह खुद कमाए या
नहीं।
- क्यों कहा – क्योंकि बेटी की सफलता
और मुस्कान उसे किसी भी वेतन से अधिक मूल्यवान लगी।
भाग B उत्तर
14.
मज़दूरी का महत्व – मेहनत और
ईमानदारी से किया गया श्रम किसी के जीवन को बदल सकता है।
- गुड़िया की मदद – उसने बच्चों को पढ़ाकर
थोड़ी कमाई की और पिता को मानसिक सहारा दिया।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
16
|
मज़दूरी
|
श्रम के बदले मिलने वाली राशि
|
घ
|
|
17
|
तनख्वाह
|
वेतन या मेहनत की कमाई
|
क
|
|
18
|
छात्रवृत्ति
|
पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता
|
ग
|
|
19
|
टीस
|
दर्द या चुभन
|
ख
|
भाग D उत्तर (MCQs)
20.
✔ (ग) बेटी की
पढ़ाई
21.
✔ (ख) बच्चों को
पढ़ाया
- ✔ (ग) मेहनत और शिक्षा से जीवन बदलता है
पाठांश ग - भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “इसे खरीफ की फसल के कटने की खुशी में मनाया जाता है।”
25. गलत
औचित्य: “यह पर्व केवल क्षेत्रीय न रहकर भारत के अन्य हिस्सों और
विदेशों में बसे प्रवासी भारतीयों द्वारा भी उल्लास से मनाया जाता है।”
26. सही
औचित्य: “1699 में इसी दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना
की थी।”
27. सही
औचित्य: “मेलों का आयोजन होता है जहाँ लोकगीत, नाटक और
हस्तशिल्प प्रदर्शनी देखने को मिलती हैं।”
28. गलत
औचित्य: “बैसाखी… विदेशों में बसे प्रवासी भारतीयों द्वारा भी उल्लास
से मनाया जाता है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. सामाजिक समानता: सामाजिक समरसता
30. नई फसल का उत्सव: कृषि पर्व / फसल का उत्सव
31. सांस्कृतिक परंपरा: लोकगीत, नृत्य, मेलों की
परंपरा
32. धार्मिक आयोजन स्थल: गुरुद्वारा
33. सामूहिक भोजन: लंगर
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → ख. फसल का उत्सव
35. [-35-] → क. आस्था और वीरता का संगम
36. [-36-] → ग. लोकजीवन में रंग
37. [-37-] → घ. सामूहिक उल्लास
38. [-38-] → ङ. परंपरा और आधुनिकता का संतुलन
इकाई-8
भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
1.शेर शिकार के माध्यम से अन्य प्रजातियों की संख्या को
संतुलित करता है और गिद्ध मृत जानवरों को खाकर पर्यावरण की सफाई में योगदान देता
है।
2.हाथी स्मरणशक्ति, दुख, प्रेम और सहयोग जैसी भावनाओं के लिए; डॉल्फ़िन और कुत्ते
इंसानों से जुड़ाव के लिए प्रसिद्ध हैं।
3.मधुमक्खियाँ नृत्य के माध्यम से, बंदर इशारों और ध्वनियों
से संवाद करते हैं।
4.वनों की कटाई, प्रदूषण, शिकार और जलवायु परिवर्तन जैसी गतिविधियाँ।
भाग – ख : तीन सही कथन
सही कथन हैं:
i. 2
ii. 3
iii. 6
भाग – ग : रिक्त
स्थान उत्तर
- पारिस्थितिक
- सामाजिक
- ध्वनि
- जलवायु
- संतुलन
पाठांश ख -
“पहाड़ की पुकार” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- ‘देवदार’ प्रतीक – यह पहाड़ की हरियाली
और प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक है।
- आरुषि का कथन – उसने यह दुख में कहा
क्योंकि पहाड़ गंदे हो चुके थे लेकिन फिर भी वे कुछ नहीं कह रहे थे।
- कथन का संदर्भ – पहाड़ बाबा ने सपने
में यह कहा, जिससे उनकी तकलीफ और चुप्पी को समझाया गया।
- संकल्प – वह पहाड़ों की रक्षा
के लिए आवाज़ उठाएगी और लोगों को जागरूक करेगी।
भाग B उत्तर
- समस्या – पेड़ कटाई, कचरा फैलना, पर्यावरण प्रदूषण और
लोगों की लापरवाही।
- प्रयास – सफाई अभियान, स्कूल में जागरूकता, पौधारोपण और कूड़ेदान
लगवाना।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
पुकार
|
बुलाना या आह्वान
|
ग
|
|
8
|
पीड़ा
|
दर्द या दुःख
|
ख
|
|
9
|
पर्यटक
|
घूमने आने वाला व्यक्ति
|
घ
|
|
10
|
अभियान
|
योजना या संगठित प्रयास
|
क
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ग) जागरूकता अभियान शुरू किया
- ✔ (ग) "मुझे तुम्हारी ज़रूरत है"
- ✔ (ख) प्रकृति को बचाना सभी की जिम्मेदारी है
पाठांश ग - भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “इसे राजपूत और मुगल स्थापत्य शैली के सम्मिलन से तैयार किया
गया है।”
25. सही
औचित्य: “हवा महल को विशेष रूप से राजपरिवार की महिलाओं के लिए
बनवाया गया था।”
26. गलत
औचित्य: “महल की सबसे बड़ी विशेषता है इसकी 953 जालीदार
खिड़कियाँ।”
27. सही
औचित्य: “जिससे भीषण गर्मी में भी महल अंदर से शीतल रहता है।”
28. सही
औचित्य: “झरोखों से आती ठंडी हवा ‘वेंटुरी प्रभाव’ के सिद्धांत पर
कार्य करती है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. स्थापत्य कला: वास्तुशिल्प /
इमारत की रचना
30. परंपरा: रजवाड़ी परंपरा
31. राजसी महिलाएँ: राजपरिवार की महिलाएँ
32. शीतल वायु का संचार: ठंडी हवा / वेंटुरी प्रभाव
33. झरोखा: जालीदार खिड़की
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → क. स्थापत्य की अद्भुत रचना
35. [-35-] → ङ. निर्माण का इतिहास
36. [-36-] → ख. महिलाओं के लिए सुरक्षित झरोखे
37. [-37-] → ग. बिना सीढ़ियों का महल
38. [-38-] → घ. सौंदर्य और पहचान
इकाई-9
भाग – क : लघु
उत्तरीय उत्तर
1.प्राचीन समय में सौंदर्य को जल, पुष्प, उबटन, हल्दी आदि जैसे प्राकृतिक
साधनों से व्यक्त किया जाता था।
2.क्योंकि आज इसका संबंध आत्मविश्वास, सामाजिक पहचान और
व्यक्तिगत प्रस्तुति से भी है।
3.विज्ञापन और मार्केटिंग का प्रभाव
4.त्वचा रोग, एलर्जी, जलन, मुहाँसे, कैंसर जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं।
भाग – ख : तीन
सही कथन
सही कथन हैं:
- आजकल पुरुष और किशोर
भी सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग करते हैं।
- आत्म-विश्वास और
सामाजिक पहचान के लिए भी सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग होता है।
- कुछ सौंदर्य
प्रसाधनों का परीक्षण जानवरों पर किया जाता है।
उत्तर:
i. 1
ii. 3
iii. 5
📝 भाग – ग : रिक्त स्थान
उत्तर
- सामाजिक
- सेल्फी
- हानिकारक रसायन
- आर्थिक बोझ
- आत्मा
पाठांश ख -
“हिमालय की गोद” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- ‘गोद’ भावार्थ – हिमालय की तलहटी या
सान्निध्य, जहाँ जीवन सुरक्षित और शांतिपूर्ण होता है।
- क्यों बनना चाहता था – क्योंकि
वह पहाड़ों में पला-बढ़ा और ऊँचाइयों को छूना चाहता था।
- ‘यही’ का अर्थ – हिमालय और उसका
वातावरण।
- क्या-क्या सीखा – साहस, शांति, मार्गदर्शन, सेवा और प्रकृति से जुड़ाव।
भाग B उत्तर
- प्रेरणा – प्रकृति के माध्यम से
आत्मनिर्भरता, सेवा भाव और ज्ञान अर्जन की प्रेरणा मिली।
- सफलता का कारण – मनोज की सादगी, सेवा भावना, पहाड़ों से जुड़ाव और
मिले अवसर का सही उपयोग।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
पर्वतारोही
|
पहाड़ पर चढ़ने वाला
|
ग
|
|
8
|
पर्यटक
|
घूमने आने वाला
|
ख
|
|
9
|
छात्रवृत्ति
|
पढ़ाई हेतु आर्थिक सहायता
|
घ
|
|
10
|
प्रेरणा
|
प्रेरक शक्ति
|
क
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ग) शेरसिंह टॉप
- ✔ (ग) एक वीडियो के वायरल होने से
- ✔ (ग) प्रकृति से जुड़ाव हमें ऊँचाइयाँ देता है
पाठांश ग - त्तर कुंजी
भाग A – सही/गलत
24. सही
औचित्य: “यह प्राचीन लोकनाट्य परंपरा से जुड़ा हुआ है।”
25. गलत
औचित्य: “इनका उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि
जन-जागरूकता फैलाना भी होता है।”
26. सही
औचित्य: “इन नाटकों की भाषा सरल, प्रभावशाली और हास्य-विनोद
से भरपूर होती है।”
27. गलत
औचित्य: “सोशल मीडिया पर साझा किया जाता है… प्रभाव और पहुँच दोनों
बढ़ गई हैं।”
28. सही
औचित्य: “शैक्षणिक संस्थानों में नुक्कड़ नाटक को शिक्षण विधि के रूप
में अपनाया गया है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. जनजागरूकता: सामाजिक
जानकारी देना
30. अभिनय की तीव्रता: नाटकीयता
31. सामाजिक सरोकार: समाज से जुड़ी संवेदनशीलता
32. लोकनाट्य परंपरा: पारंपरिक लोक रंगमंच
33. प्रभावशाली संवाद: सीधे और सशक्त संवाद शैली
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → क. समाज का आईना
35. [-35-] → ख. परंपरा और प्रासंगिकता
36. [-36-] → ग. सीधे संवाद की शक्ति
37. [-37-] → घ. शिक्षा में भूमिका
38. [-38-] → ङ. डिजिटल माध्यम से प्रभाव
इकाई-10
भाग – क : लघु
उत्तरीय उत्तर
1.क्योंकि लोक कथाएँ पीढ़ी दर पीढ़ी मानवीय मूल्यों, विश्वासों और अनुभवों को
मौखिक रूप से संरक्षित करती हैं।
2.इनमें सामान्य जनजीवन से जुड़े पात्र जैसे किसान, बुढ़िया, जानवर आदि होते हैं, जिससे श्रोता उनसे
भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है।
3.लोक कथाएँ नैतिकता, त्याग, समझदारी जैसे मूल्यों की शिक्षा देती हैं। जैसे
— ‘सात भाइयों की बहन’ कहानी में पारिवारिक त्याग और चालाक लोमड़ी की कहानी में
विवेक की शिक्षा मिलती है।
4.क्योंकि आज के बच्चों का ध्यान डिजिटल दुनिया में भटक गया
है, जबकि लोक कथाएँ
उन्हें कल्पनाशील और नैतिक बनाने में सहायक होती हैं।
भाग – ख : तीन
सही कथन
सही कथन हैं:
i. 2
ii. 3
iii. 5
भाग – ग : रिक्त
स्थान उत्तर
- मूल्यों
- परी
- विवेक
- लोकगीत
- सांस्कृतिक
पाठांश ख -
“शेर की चाल” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- नीतियों का अर्थ – जंगल को चलाने वाले
नियम, विचार और व्यवहार।
- ‘शेर की चाल’ तात्पर्य – सोच-समझकर, विवेक से उठाया गया हर कदम।
- रणजीत का जाना – वह सवालों का उत्तर
नहीं दे पाया, उसे शर्म और गुस्सा आया।
- पंक्ति का संदेश – सही दिशा और विवेक से
चलना ही असली नेतृत्व है।
भाग B उत्तर
- रणजीत को हराना – वीर सिंह ने शारीरिक
शक्ति के बजाय बुद्धिमता और तर्क का उपयोग किया।
- नैतिक संदेश – शक्ति से ज़्यादा
ज़रूरी है विवेक, और नेतृत्व के लिए धैर्य और सोच आवश्यक है।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
विवेक
|
सोच-समझकर निर्णय लेने की क्षमता
|
ग
|
|
8
|
नीतियाँ
|
नियम या योजनाएँ
|
ख
|
|
9
|
सन्नाटा
|
शांति या चुप्पी
|
क
|
|
10
|
उतावला
|
अधीर, जल्दबाज
|
घ
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ग) बुद्धि की
- ✔ (ख) वह सवालों का उत्तर नहीं दे पाया
- ✔ (ग) सोच-समझकर आगे बढ़ना
पाठांश ग - भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी नगर में एकत्र होते
हैं।”
25. सही
औचित्य: “भगवान स्वयं भक्तों के बीच आते हैं… ‘गर्भगृह से बाहर आने’
का प्रतीक है।”
26. गलत
औचित्य: “श्रद्धालु रस्सियों से खींचते हैं… इसमें किसी जाति, वर्ग या लिंग
का भेद नहीं होता।”
27. सही
औचित्य: “परंपरागत विधियों से सम्पन्न होता है।”
28. गलत
औचित्य: “यह भारत की सांस्कृतिक विरासत… का जीवन्त चित्र प्रस्तुत
करती है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. आस्था से भरा उत्सव: रथ यात्रा
30. मूर्तियों को रथ में विराजमान करना: रथारूढ़ होना
31. सामाजिक समरसता: भेदभाव रहित सहभागिता
32. परंपरागत कार्यशैली: पारंपरिक विधियाँ
33. सांस्कृतिक धरोहर: भारत की सांस्कृतिक विरासत
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → ङ. अद्वितीय धार्मिक आयोजन
35. [-35-] → क. रथों का वैभव
36. [-36-] → ख. भक्तों के बीच भगवान
37. [-37-] → ग. परंपरा की निरंतरता
38. [-38-] → घ. भारत की पहचान
इकाई-11
✍🏻 भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
1.क्योंकि यह सुर, ताल और रागों के माध्यम से भारतीय जीवन-दर्शन, आध्यात्मिकता और भक्ति की
अभिव्यक्ति करता है और विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति की छवि प्रस्तुत करता है।
2.हिंदुस्तानी संगीत मुख्यतः उत्तर भारत में और कर्नाटक संगीत
दक्षिण भारत में प्रचलित है। शैली और प्रस्तुति भिन्न होने पर भी दोनों का
उद्देश्य आत्मा को शांति देना है।
3.सामवेद से। संगीत के विकास में ‘नाट्यशास्त्र’ और ‘संगीत
रत्नाकर’ जैसे ग्रंथों की प्रमुख भूमिका रही है।
4.ध्रुपद – गहराई, खयाल – कल्पनाशीलता, ठुमरी – कोमलता, टप्पा – चंचलता। ये सभी
शैलियाँ मानवीय भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति हैं।
5.शास्त्रीय संगीत का प्रयोग योग, ध्यान, चिकित्सा (म्यूजिक
थेरेपी) और शिक्षा के क्षेत्रों में किया जा रहा है।
✅ भाग – ख : तीन सही कथन
सही कथन हैं:
i. 2
ii. 4
iii. 6
भाग – ग : रिक्त स्थान
उत्तर
- जीवन-दर्शन
- प्रमुख
- सामवेद
- मन
- संगीतज्ञ
पाठांश ख “कन्यादान”
वर्कशीट
भाग A उत्तर
- मनोभाव – सावित्री देवी इसे एक
गहरी जिम्मेदारी और सम्मान मानती थीं।
- कारण – संजना यह जताना चाहती थी कि वह कोई वस्तु नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र व्यक्ति है।
- गुण – माँ का समझदारी और सहानुभूति से भरा व्यवहार।
- भावार्थ – बेटी को वस्तु की तरह
दान नहीं किया, बल्कि उसकी इच्छा का आदर किया।
भाग B उत्तर
- परंपरा का रूपांतरण – संजना ने
कन्यादान की जगह संगदान की अवधारणा दी, जो बराबरी और सहमति पर
आधारित थी।
- धारणाओं को चुनौती – कन्यादान में लड़की को
‘दान’ मानने की सोच को संवेदनशीलता से प्रश्नांकित किया गया।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
आत्मनिर्भर
|
खुद पर निर्भर
|
ग
|
|
8
|
परंपरा
|
प्राचीन सामाजिक नियम
|
घ
|
|
9
|
आध्यात्मिक
|
आत्मा से जुड़ी बात
|
क
|
|
10
|
संगदान
|
मिलकर देना या सौंपना
|
ख
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ख) समाजशास्त्र
- ✔ (ग) क्योंकि उसमें मन की शुद्धता थी
- ✔ (ग) सोच-समझकर परंपरा में बदलाव किया जा सकता है
पाठांश ग -- भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “समय और प्राकृतिक आपदाओं के कारण इसका गर्भगृह नष्ट हो चुका
है।”
25. सही
औचित्य: “इसकी रचना एक विशाल रथ के रूप में की गई है।”
26. सही
औचित्य: “इन चक्कों के मध्य की छाया द्वारा समय का अनुमान लगाया जा
सकता है।”
27. गलत
औचित्य: “यह मंदिर पूर्व दिशा की ओर इस प्रकार स्थित है कि प्रथम
सूर्योदय की किरणें सीधी मुख्य गर्भगृह पर पड़ती थीं।”
28. सही
औचित्य: “कोणार्क नृत्य महोत्सव इस धरोहर को जीवंत बनाए रखने का
प्रयास है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. स्थापत्य शैली: कलिंग शैली
30. समय चक्र: 12 विशाल पत्थर के चक्र
31. प्राचीन भारत की वैज्ञानिक सोच: खगोलशास्त्र /
सूर्य किरणों की दिशा
32. महीनों का प्रतीक: रथ के पहिए
33. सूर्य के स्वागत की दिशा: पूर्व दिशा
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → ग. अद्वितीय स्थापत्य धरोहर
35. [-35-] → ख. सूरज की छाया में
36. [-36-] → क. पत्थरों में विज्ञान
37. [-37-] → घ. कला और जीवन की झलक
38. [-38-] → ङ. पहचान बना महोत्सव
इकाई-12
भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
- नृत्य-नाटक अभिनय, नृत्य, संगीत और
वेशभूषा के माध्यम से भारतीय संस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है, जो उसे
सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है।
- ‘नाट्यशास्त्र’
नृत्य-नाटक का प्राचीन ग्रंथ है जिसमें ‘नवरसों’ के माध्यम से मानवीय भावों
की अभिव्यक्ति का वर्णन है।
- कथकली में रंगबिरंगे
मुखौटे और नेत्रों की भाषा का प्रयोग होता है, जबकि भरतनाट्यम में
मुद्राओं और ताल पर अधिक ज़ोर होता है।
- आधुनिक समय में
महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण चेतना और सामाजिक मुद्दों जैसे विषयों को
नृत्य-नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है।
- एक कलाकार में
शारीरिक नियंत्रण, हाव-भाव, लय की समझ, अनुशासन और
अभ्यास जैसे गुण आवश्यक होते हैं।
भाग – ख : तीन
सही कथन
सही कथन हैं:
i. 3
ii. 5
iii. 1
भाग – ग : रिक्त
स्थान उत्तर
- संस्कृति
- नाट्यशास्त्र
- शास्त्रीय
- पूर्ण
- सामाजिक
पाठांश ख -
“मन जीते जग जीत” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- अंशुल का सपना – वह महत्वाकांक्षी और
प्रतिभाशाली था,
जो अपनी पहचान बनाना चाहता था।
- कथन का संदेश – मानसिक दृढ़ता और
आत्मविश्वास से कोई भी कठिनाई पार की जा सकती है।
- स्थिति और आशय – जब वह थकान और सीमित
शरीर से जूझ रहा था, तब भी उसका मन हार मानने को तैयार नहीं था।
- तात्पर्य – यदि हमारा मन दृढ़ और
आत्मविश्वास से भरा हो, तो दुनिया भी उसे स्वीकार कर लेती है।
भाग B उत्तर
- बाधा – उसका शारीरिक अक्षम होना और आर्थिक संकट। उसने आत्मबल
और अभ्यास के माध्यम से उसे पार किया।
- केंद्रीय विचार – मानसिक शक्ति, आत्मविश्वास और धैर्य के माध्यम से किसी भी असंभव को
संभव बनाया जा सकता है।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
आत्मबल
|
आत्मा से मिलने वाली शक्ति
|
ख
|
|
8
|
अधूरा
|
पूरा न होना
|
क
|
|
9
|
दृढ़ता
|
कठोर परिश्रम करने का संकल्प
|
ग
|
|
10
|
प्रतियोगिता
|
प्रतिस्पर्धा या मुकाबला
|
घ
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ख) चित्रकार बनना
- ✔ (ग) पर्वत चढ़ता एक युवक
- ✔ (ख) मनोबल से ही विजय संभव है
पाठांश
ग - भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “केरल, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बड़े उत्साह से मनाया
जाता है।”
25. सही
औचित्य: “चुंदन वल्लम नामक लंबी और पतली नावों का उपयोग होता है।”
26. गलत
औचित्य: “महिलाओं और युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी होती है।”
27. सही
औचित्य: “यह प्रतियोगिता सहयोग और भाईचारा... का परिचायक है।”
28. सही
औचित्य: “यह आयोजन परंपरा, पर्यटन और प्रगति का संगम
बन चुका है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. सामूहिक सहभागिता: एक नाव में
सबका साझा प्रयास
30. जल संस्कृति का प्रतीक: नदी पर आधारित
परंपराएँ
31. तालमेल और अनुशासन का उदाहरण: ढोलक की धुन पर
समन्वयित चप्पू चलाना
32. परंपरा व प्रगति का संगम: खेल + पर्यटन
33. सांप जैसी नावें: चुंदन वल्लम
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → क. जलपर्व की तैयारी
35. [-35-] → ख. केरल की सांप नावें
36. [-36-] → घ. नदी, संस्कृति और समरसता
37. [-37-] → ग. प्रतियोगिता से परे एकता
38. [-38-] → ङ. खेल और पर्यटन का संगम
इकाई-13
भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
- भारतीय रेल की
शुरुआत 16 अप्रैल 1853 को मुंबई (बोरीबंदर)
से ठाणे के बीच हुई थी।
- प्रारंभ में इसका
उद्देश्य कच्चे माल की ढुलाई और सैनिकों की आवाजाही सुनिश्चित करना था।
- स्वतंत्रता के बाद
रेल में आधुनिकीकरण हुआ—स्टीम इंजनों से विद्युत और डीज़ल इंजनों की ओर
परिवर्तन हुआ; नई आधुनिक गाड़ियाँ शुरू हुईं।
- रेल आम जनता की
यात्राओं, मेल-मिलाप, और सांस्कृतिक जीवन
जैसे त्योहारों और यात्राओं से जुड़ी होती है।
- डिजिटल बुकिंग, स्मार्ट
ट्रेनें (जैसे तेजस और वंदे भारत) और स्टेशन आधुनिकीकरण से रेलवे डिजिटल युग
में प्रवेश कर रही है।
भाग – ख : सही विकल्प
- b) 1853
- c) मुंबई
- d) चौथी
- b) वंदे भारत
एक्सप्रेस
भाग – ग : रिक्त स्थान
उत्तर
- मुंबई (बोरीबंदर)
- 12 लाख
- जोड़ा
- आधुनिक
- पहचान
पाठांश ख - पड़ोसी” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- भावार्थ – यह दर्शाता है कि
दोनों परिवार एक-दूसरे के पड़ोसी होते हुए भी भावनात्मक रूप से दूर थे।
- स्थिति – जब अंसारी साहब बीमार
शुक्ला जी को स्कूटर पर अस्पताल ले जा रहे थे, वे डरे हुए थे पर साहस
से भरे थे।
- प्रयोग – जब अंसारी साहब ने समय
रहते शुक्ला जी की मदद की और उनकी जान बचाई।
- प्रतीकात्मक अर्थ – अब उनके बीच का
भावनात्मक संबंध मज़बूत हो गया है, जो किसी दीवार या दूरी
से प्रभावित नहीं होगा।
भाग B उत्तर
- उपयुक्तता – कहानी का पूरा केंद्र
ही पड़ोसी के रिश्ते, दूरी और फिर आत्मीयता से जुड़ा है, इसलिए यह शीर्षक अत्यंत उपयुक्त है।
- सामाजिक मूल्य – सहयोग, मानवता, संबंधों में आत्मीयता
और एकता।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
दस्तक
|
दरवाज़े पर खटखटाना
|
ग
|
|
8
|
प्रतीकात्मक
|
रूपक या संकेत देने वाला
|
घ
|
|
9
|
भावनात्मक
|
मन से जुड़ी अनुभूति
|
ख
|
|
10
|
पट्टी
|
चिह्न या चिन्ह
|
क
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ख) अंसारी साहब ने
- ✔ (ग) जब अंसारी साहब ने अस्पताल पहुँचाया
- ✔ (ग) अब आपसी अपनापन है
पाठांश ग - भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “इसमें महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में होती हैं और पुरुष
केडिया पहनते हैं।”
25. सही
औचित्य: “गर्भा एक दीपक के चारों ओर किया जाता है, जो माँ दुर्गा
के प्रतीकात्मक रूप को दर्शाता है।”
26. गलत
औचित्य: “भारत और विदेशों में भी इसकी लोकप्रियता बढ़ी है।”
27. सही
औचित्य: “गर्भा... एकता, सामूहिकता और लोकजीवन की
जीवंतता का प्रतीक है।”
28. सही
औचित्य: “गर्भा नृत्य को यूनेस्को द्वारा वैश्विक सांस्कृतिक धरोहर
में शामिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. केंद्र के चारों ओर घुमना: गर्भा
30. सामूहिक तालमेल: नृत्य की लय और ताल
31. परंपरा से जुड़ा आधुनिक उत्सव: नवरात्रि में
गर्भा
32. नारी सम्मान का प्रतीक: देवी आराधना
33. सांस्कृतिक पहचान: गुजराती शान
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → ख. गुजराती आत्मा की झलक
35. [-35-] → ङ. लोकनृत्य की लयबद्ध परंपरा
36. [-36-] → घ. नारी की गरिमा
37. [-37-] → ग. संस्कृति से परे सीमाएँ
38. [-38-] → क. शक्ति की प्रतीक पूजा
इकाई-14
उत्तर कुंजी (Answer
Key)
✍🏻 भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
- वहाँ वायुमंडल, जल और जीवन
के अनुकूल पर्यावरण नहीं है; तापमान का भारी अंतर और कमजोर गुरुत्वाकर्षण भी बड़ी
बाधाएँ हैं।
- आर्टेमिस मिशन का
उद्देश्य अमेरिका द्वारा पुनः मानव को चाँद पर भेजना और चंद्र-आवास की दिशा
में कार्य करना है।
- थ्री-डी प्रिंटिंग
तकनीक, चंद्र-मिट्टी (लूनर सॉयल), और सौर
ऊर्जा से टिकाऊ घर बनाए जा सकते हैं।
- ऑक्सीजन जनरेटर, जल
पुनर्चक्रण प्रणाली, हाइड्रोपोनिक खेती और उन्नत संचार प्रणाली की आवश्यकता
होगी।
- यह मानव के विकास, अन्वेषण और
संभावनाओं की सीमाओं को आगे बढ़ाने का प्रतीक होगा।
भाग – ख : सही
विकल्प
- c) छठा हिस्सा
- c) गुंबदाकार
- c) ISRO
- b) थ्री-डी
प्रिंटिंग
भाग – ग : रिक्त स्थान
उत्तर
- वायुमंडल
- ISRO
- सौर
- हाइड्रोपोनिक
- कल्पनाशील
पाठांश ख - “झोंपड़ी में सूर्यदेव” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- प्रतीकात्मक अर्थ – आशा, नई शुरुआत, सकारात्मकता और
प्रेरणा का संकेत।
- गुण – संतोष, आस्था और सकारात्मक
सोच।
- आशय – मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी ऊँचाई प्राप्त की जा
सकती है।
- संदेश – जहाँ विश्वास, मेहनत और आशा हो, वहाँ झोंपड़ी में भी
भगवान बसते हैं।
भाग B उत्तर
- छात्रवृत्ति मिलने का कारण – रामबली ने विपरीत परिस्थितियों में भी कठोर मेहनत की
और खुद पर विश्वास बनाए रखा।
- केंद्रीय संदेश – गरीबी, अभाव या सीमाएँ सफलता की राह नहीं रोक सकतीं यदि मन
में सूर्य-सी रोशनी और लगन हो।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
छात्रवृत्ति
|
सहायता के रूप में दी जाने वाली राशि
|
क
|
|
8
|
प्रेरणा
|
मार्गदर्शन या जोश देने वाला भाव
|
ख
|
|
9
|
प्रतीक
|
किसी चीज़ का संकेत या रूप
|
ग
|
|
10
|
उजाला
|
प्रकाश या रोशनी
|
घ
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ग) झोपड़ी में, सूरज की रोशनी में
- ✔ (ग) आशा, उजाला और प्रेरणा
- ✔ (ग) क्योंकि सूरज ही रामबली की आशा था
पाठांश ग -
भाग A – सही/गलत
24. सही
औचित्य: “ब्रज क्षेत्र, विशेषकर बरसाना और नंदगांव
में खेली जाने वाली लठमार होली...”
25. गलत
औचित्य: “नंदगांव के पुरुष बरसाना आते हैं और महिलाएँ उन्हें लाठियों
से मारती हैं।”
26. सही
औचित्य: “इस परंपरा की पृष्ठभूमि भगवान कृष्ण और राधा के उस प्रसंग
से जुड़ी है...”
27. गलत
औचित्य: “यह नारी शक्ति और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।”
28. सही
औचित्य: “आज लठमार होली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रसिद्ध हो चुकी
है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. प्रतीकात्मक मार: लठमार
30. ढाल: सिर पर रखी सुरक्षा वस्तु
31. साहस और संवाद का प्रतीक: नारी शक्ति
32. रसपूर्ण प्रसंग: कृष्ण-राधा की कथा
33. प्रेम और हास्य का उत्सव: लठमार होली
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → ङ. ब्रज की पारंपरिक विरासत
35. [-35-] → ग. प्रेम की रंग-बिरंगी लाठियाँ
36. [-36-] → ख. कृष्ण-राधा की स्मृति
37. [-37-] → क. नारी शक्ति का हास्यपूर्ण रूप
38. [-38-] → घ. उत्सव का वैश्विक रंग
इकाई-15
✍🏻 भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
- केसर को “लाल सोना”
इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह बहुत महँगा, मूल्यवान और सीमित
मात्रा में उत्पादित होने वाला मसाला है।
- जम्मू-कश्मीर के
पंपोर, बडगाम, पुलवामा और श्रीनगर
जैसे इलाकों में।
- केसर के नाज़ुक
फूलों के तंतु हाथों से तोड़कर धूप में सुखाए जाते हैं, इन्हीं
तंतुओं को सूखने के बाद केसर कहा जाता है।
- केसर का प्रयोग भोजन
में स्वाद व रंग के लिए, औषधियों, इत्र व प्रसाधनों
तथा धार्मिक रीति-रिवाज़ों में किया जाता है।
- इससे किसानों की आय
बढ़ी है, स्थानीय युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर मिले हैं, और नए
क्षेत्रों में इसकी खेती आरंभ हुई है।
भाग – ख : सही विकल्प
- b) Crocus sativus
- d) 150-160
- d) जापान
- b) GI टैग
भाग – ग : रिक्त स्थान
उत्तर
- लाल
- ठंडी
- धूप
- GI
- यूनानी
पाठांश ख -
“मृगतृष्णा” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- भावना – अत्यधिक महत्वाकांक्षा
और भौतिक लालसा।
- निर्णय का संकेत – माधव की अधीरता और
मृगतृष्णा के पीछे भागने की शुरुआत।
- कथन और आशय – बुज़ुर्ग कैदी द्वारा; जीवन की इच्छाओं की अनंतता को दर्शाता है।
- कारण – माधव ने भटकाव छोड़कर आत्मबोध और संतोष का मार्ग
अपनाया।
भाग B उत्तर
- मृगतृष्णा का अर्थ –
· शाब्दिक: मरुस्थल में जल का भ्रम।
· प्रतीकात्मक:
भौतिक सुखों की कभी पूरी न होने वाली लालसा।
- जीवन शिक्षा – वास्तविक सुख बाहरी
चमक-धमक में नहीं, बल्कि आत्म-संतोष और सच्चे कर्म में है।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
मृगतृष्णा
|
रेगिस्तान में जल का भ्रम
|
ग
|
|
8
|
तड़प
|
तीव्र लालसा या चाहत
|
घ
|
|
9
|
जालसाज़ी
|
धोखाधड़ी या छल
|
क
|
|
10
|
आत्म-संतोष
|
गहरे मन की संतुष्टि
|
ख
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ख) पैसे कमाने के लिए
- ✔ (ख) एक बुज़ुर्ग कैदी की बातों से
- ✔ (ग) बच्चों को निर्माण-कला सिखाना
पाठांश ग -
भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “यह स्थान केवल भू-स्थान नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना
का प्रतीक है।”
25. सही
औचित्य: “यहाँ खड़े होकर तीनों समुद्रों के रंग अलग-अलग देखे जा सकते
हैं।”
26. गलत
औचित्य: “यह मंदिर देवी पार्वती के कन्या रूप को समर्पित है।”
27. सही
औचित्य: “कुछ विशेष दिनों में यहाँ सूर्योदय और चंद्रास्त एक साथ
देखे जा सकते हैं।”
28. सही
औचित्य: “स्मारक तक पहुँचने के लिए समुद्र के बीच नाव द्वारा जाना
होता है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. सांस्कृतिक चेतना का
प्रतीक: कन्याकुमारी
30. अविवाहित देवी की पूजा का स्थल: कुमारी अम्मन
मंदिर
31. क्षितिज में रंगों का अद्भुत दृश्य: सूर्योदय व
चंद्रास्त
32. आत्मबोध का स्थान: विवेकानंद स्मारक
33. एकता में अनेकता की मिसाल: कन्याकुमारी
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → क. त्रिसागर संगम
35. [-35-] → ख. देवी की पवित्र भूमि
36. [-36-] → ग. सूरज, चंद्रमा और क्षितिज
37. [-37-] → घ. ध्यान और दर्शन की धरोहर
38. [-38-] → ङ. सौंदर्य और संस्कृति का संगम
इकाई-16 -
भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
- लंगर प्रथा की
शुरुआत गुरु नानक देव जी ने 15वीं सदी में की थी, जिसका
उद्देश्य समानता और सेवा को बढ़ावा देना था।
- 'वंड छको' का अर्थ है
– मिल बाँटकर खाना। यह लंगर प्रथा का मूल सिद्धांत है, जहाँ सभी को
बिना भेदभाव के भोजन दिया जाता है।
- स्वर्ण मंदिर का
लंगर विश्व का सबसे बड़ा निःशुल्क रसोईघर है, जहाँ हर दिन एक लाख
से अधिक लोग भोजन करते हैं और हजारों स्वयंसेवक सेवा में लगे रहते हैं।
- इस प्रथा ने जातिवाद, भेदभाव और
वर्गवाद जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध एक उदाहरण प्रस्तुत किया है और
समानता को बढ़ावा दिया है।
- कोविड-19 जैसे आपदा
कालों में लंगर व्यवस्था ने ज़रूरतमंदों को भोजन प्रदान कर समाज सेवा का
परिचय दिया।
भाग – ख : सही विकल्प
- c) सिख धर्म
- c) गुरु नानक
देव
- d) एक लाख से
अधिक
- b) सादा और
पौष्टिक
भाग – ग : रिक्त स्थान
उत्तर
- समानता
- एक पंक्ति
- निःस्वार्थ
- समानता, सम्मान
- ज़रूरतमंदों
पाठांश ख -
“भूख की अर्थी” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- अर्थ – अत्यधिक भूख की अवस्था का संकेत, जब पेट बिल्कुल खाली हो।
- भाव – दुख, क्रोध और समाज के प्रति व्यथा।
- भाव – हताशा के बीच अपनी बेटी को मानसिक सांत्वना देने का
प्रयास।
- रूप – वह एक सशक्त, सामाजिक रूप से जागरूक
और संकल्पित महिला बन गई है।
भाग B उत्तर
- प्रतीक – भूख को मौत, पीड़ा और उपेक्षित समाज की व्यथा के प्रतीक के रूप में
प्रस्तुत किया गया है।
- शीर्षक की उपयुक्तता – यह
दर्शाता है कि भूख कोई साधारण पीड़ा नहीं, बल्कि वह मृत्यु का
कारण भी बन सकती है।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
अर्थी
|
मृत शरीर को श्मशान ले जाने की संरचना
|
ग
|
|
8
|
रसोई केंद्र
|
भोजन बाँटने का स्थान
|
ख
|
|
9
|
प्रतीक
|
संकेत या चिह्न
|
घ
|
|
10
|
दाह संस्कार
|
शव को जलाने की अंतिम क्रिया
|
क
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ख) लक्ष्मी
- ✔ (ग) अखबार में कॉलम लिखा और मदद की शुरुआत की
- ✔ (ग) भूख से पीड़ितों को खाना देना
पाठांश ग - भाग A – सही/गलत
24. सही
औचित्य: “प्रयागराज को तीर्थराज कहा गया है, जिसका अर्थ है
सभी तीर्थों में श्रेष्ठ।”
25. गलत
औचित्य: “यहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती तीन नदियाँ मिलती हैं।”
26. गलत
औचित्य: “प्रत्येक 12 वर्ष में कुंभ, और 6 वर्ष में
अर्धकुंभ आयोजित होता है।”
27. सही
औचित्य: “यह स्थल वेदों, पुराणों में वर्णित है और
शिक्षा व स्वतंत्रता संग्राम का भी केन्द्र रहा है।”
28. सही
औचित्य: “यह नगरी अब स्वच्छता, यातायात और पर्यटन की
दृष्टि से भी विकसित हो रही है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. आत्मशुद्धि की भावना: स्नान
30. ज्ञान और आंदोलन का केन्द्र: प्रयागराज
31. आध्यात्मिक स्थल जहाँ तीन नदियाँ मिलती हैं: त्रिवेणी संगम
32. गहराई और पारदर्शिता का मिलन: गंगा और यमुना
की धाराएँ
33. धार्मिक पर्यटन का प्रतीक स्थल: कुंभ मेला स्थल
/ संगम तट
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → ङ. धर्म, दर्शन और आस्था
का मिलन
35. [-35-] → क. गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम
36. [-36-] → ग. युगों से जीवित परंपरा
37. [-37-] → घ. ज्ञान, आंदोलन और शिक्षा का केंद्र
38. [-38-] → ख. संगम पर संतुलित संस्कृति
इकाई-17
✍🏻 भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
- क्योंकि यह किसी
व्यक्ति की जान बचाने में सहायक होता है और मानवता की सच्ची सेवा मानी जाती
है।
- सड़क दुर्घटनाओं, सर्जरी, कैंसर, एनीमिया
जैसी बीमारियों में रक्त की आवश्यकता होती है।
- लगभग 350-450 मि.ली. रक्त
दान किया जाता है, जो कुछ ही दिनों में शरीर द्वारा पुनः बना लिया जाता
है।
- रक्त में आयरन
संतुलन बनाए रखता है, हृदय रोगों का खतरा घटाता है, और सामाजिक
संतोष का अनुभव कराता है।
- बहुत से लोग रक्तदान
को दर्दनाक या कमजोर बनाने वाला मानते हैं, जबकि यह प्रक्रिया
पूर्णतः सुरक्षित और चिकित्सकीय देखरेख में होती है।
✅ भाग – ख : सही विकल्प
- c) 5-6 लीटर
- b) 18 वर्ष
- b) 14 जून
- c) यह सुरक्षित
और लाभदायक प्रक्रिया है
भाग – ग : रिक्त स्थान
उत्तर
- कृत्रिम
- आयरन
- रक्तदान
- आत्म-संतोष, मनोबल
- भ्रांतियों
पाठांश ख - सुनहरा बचपन” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- विवशता – गरीबी और भूख की ऐसी
स्थिति जहाँ मूलभूत ज़रूरतें भी पूरी नहीं हो पातीं।
- भावार्थ – पढ़ाई और स्कूल ने
चंदू के जीवन में आत्मबल, मित्रता और खुशी दी।
- कारण – स्कूल में शिक्षा और मीरा दीदी के सहयोग से चंदू को
नया जीवन-दृष्टिकोण मिला।
- गुण – सेवा भावना, दूरदृष्टि और सामाजिक
संवेदनशीलता।
भाग B उत्तर
- प्रतीकात्मक अर्थ – ऐसा बचपन जो अवसरों, अधिकारों और भावनात्मक सुरक्षा से भरपूर हो।
- सीख – शिक्षा और सच्चे सहयोग से किसी भी बच्चे का जीवन बदला
जा सकता है।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
आत्मविश्वास
|
यकीन या भरोसा
|
ख
|
|
8
|
पहचान
|
किसी की विशेष जानकारी या परिचय
|
ग
|
|
9
|
आशा
|
उम्मीद
|
क
|
|
10
|
अनुभव
|
महसूस की गई बात या सीख
|
घ
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ग) ईंट-भट्टे से
- ✔ (ख) स्कूल की शिक्षिका
- ✔ (ग) शिक्षा, प्यार और उम्मीद पर
पाठांश ग -
भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “रामलीला केवल धार्मिक या पौराणिक अभिनय नहीं है, यह सामाजिक
मूल्य और नैतिक शिक्षा देने का माध्यम भी है।”
25. गलत
औचित्य: “रामलीला का आयोजन स्थानीय समुदाय द्वारा किया जाता है।”
26. सही
औचित्य: “दर्शकों को त्रेता युग की कथा में ले जाती है।”
27. सही
औचित्य: “काशी की रामनगर रामलीला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
प्रसिद्ध हैं।”
28. गलत
औचित्य: “वर्तमान में रामलीला के स्वरूप में तकनीकी नवाचार भी शामिल
हो गया है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. धार्मिक नाट्य परंपरा: रामलीला
30. समाज को शिक्षित करने का माध्यम: नैतिक शिक्षा
31. आदर्श और कर्तव्य का प्रतीक पात्र: राम
32. चलित मंचन के माध्यम से अभिनय: समूचे नगर का
रंगमंच में बदलना
33. लोकसंस्कृति और आस्था का उत्सव: रामलीला
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → ग. परंपरा का अद्भुत मंचन
35. [-35-] → ङ. लोक सहभागिता की परंपरा
36. [-36-] → क. मंच से महाकाव्य तक
37. [-37-] → ख. धर्म और शिक्षा का मेल
38. [-38-] → घ. तकनीक से समृद्ध संस्कृति
इकाई-18
भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
- क्योंकि यह सामाजिक, सांस्कृतिक
और भावनात्मक समरसता का प्रतीक भी है।
- यह बुराई पर अच्छाई
की विजय का प्रतीक है; प्रह्लाद की भक्ति की रक्षा हेतु भगवान विष्णु ने
होलिका का अंत किया।
- यह पर्व सभी
जाति-धर्म के लोगों को साथ लाता है, रंगों व मिठाइयों से
मेलजोल बढ़ाता है।
- मथुरा-वृंदावन की
लठमार होली, पंजाब का होला मोहल्ला, महाराष्ट्र की रंग
पंचमी, बंगाल की दोल यात्रा आदि।
- रासायनिक रंगों, दुराचार, पानी की
बर्बादी जैसी समस्याएँ आधुनिक समय में चिंता का विषय हैं।
✅ भाग – ख : बहुविकल्पी
उत्तर
- ✅ c) फाल्गुन
पूर्णिमा
- ✅ b) मथुरा-वृंदावन
- ✅ b) बुराई पर
अच्छाई की विजय
- ✅ d) b और c दोनों
भाग – ग : रिक्त स्थान
उत्तर
- होलिका दहन
- भेदभाव
- संवेदनात्मक
- दुराचार
- रंग
पाठांश ख -
“पानी का पत्थर” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- संकेत – हरिदत्त की कला की
विशेषता और सृजनात्मकता की सराहना।
- प्रतीकात्मक अर्थ – जो लोग जीवन के कठिन दौर से गुजरते हैं, उनमें सहनशीलता और ताक़त होती है।
- व्यथा का कारण – शहर में अपने प्रिय काम से दूर रहना और उद्देश्यहीनता।
- जीवन का सत्य – संघर्षों से ही सुंदरता और गहराई आती है, चाहे वह व्यक्ति हो या शिल्प।
भाग B उत्तर
- प्रतीक – संघर्ष में निखरने
वाले व्यक्तित्व का।
- जीवन मूल्य – धैर्य, अनुभव का महत्व, कला का सम्मान, और टूटकर भी निखरना।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
तराशना
|
आकार देना या गढ़ना
|
घ
|
|
8
|
धैर्य
|
सहनशीलता
|
क
|
|
9
|
संग्रहालय
|
संग्रह स्थान
|
ख
|
|
10
|
दृष्टि
|
कल्पनाशक्ति या सोच
|
ग
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ग) मूर्तिकला
- ✔ (ख) बहाव में मजबूत बना हुआ पत्थर
- ✔ (ग) उनकी मूर्तियों का संग्रहालय बनाया
पाठांश ग -
भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “यह केवल एक दृश्य नहीं, बल्कि अन्याय पर न्याय की
विजय का प्रतीक है।”
25. सही
औचित्य: “यह आयोजन अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की जीत दर्शाता
है।”
26. गलत
औचित्य: “इन पुतलों को बाँस, कपड़े, कागज और पटाखों
से बनाया जाता है।”
27. सही
औचित्य: “यह पर्व समाज में भ्रष्टाचार, हिंसा जैसी बुराइयों से
लड़ने की प्रेरणा देता है।”
28. सही
औचित्य: “डिजिटल ध्वनि प्रभाव और लाइट शो ने रावण दहन को और भव्य बना
दिया है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. धर्म और सत्य की जीत का
उत्सव: दशहरा / रावण दहन
30. बड़े मंचों पर अभिनय के साथ धार्मिक आयोजन: रामलीला
31. बुराई के प्रतीक का पुतला: रावण
32. समाज में व्याप्त नकारात्मक प्रवृत्तियाँ: आधुनिक रावण /
बुराइयाँ
33. तकनीकी रोशनी और ध्वनि के प्रयोग से सजीव दृश्य: लाइट शो /
डिजिटल ध्वनि
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → क. बुराई के अंत की सीख
35. [-35-] → ग. आयोजन की तैयारी
36. [-36-] → घ. ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल
37. [-37-] → ख. नैतिक चेतना का पर्व
38. [-38-] → ङ. आधुनिकता में परंपरा की झलक
इकाई-19
भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
- उन्हें देवतुल्य
सम्मान प्राप्त था और उनके संवाद, लुक व जीवनशैली की
नकल की जाती थी।
- क्योंकि अब लोग
कलाकारों के निजी जीवन की असलियत और आचरण से भलीभाँति परिचित हैं।
- दर्शक अब कलाकारों
के असली जीवन और अभिनय में अंतर को पहचान सकते हैं, जिससे उनकी
आँखें खुली हैं।
- वे कलाकार जो सच्चे
अभिनय, संवेदनशील सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाते हैं।
- अब उन्हें केवल
दिखावे से नहीं, बल्कि प्रामाणिकता, व्यवहार और समाज के
प्रति ज़िम्मेदारी निभाकर प्रभाव जमाना पड़ता है।
भाग – ख :
बहुविकल्पी उत्तर
- d) उपर्युक्त सभी
- b) सोशल मीडिया
की पारदर्शिता
- b) अभिनय की सच्चाई और
प्रस्तुति
- c) सामाजिक ज़िम्मेदारी
और व्यवहार
भाग – ग : रिक्त
स्थान उत्तर
- पोस्टर
- असलियत
- स्वतंत्र
- सादगी
- विवेकशील
पाठांश ख -
“पत्थर पे लकीर” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- भाव – सिद्धांत या मूल्य अगर दृढ़ता से अपनाए जाएँ तो वे
जीवन में अमिट प्रभाव छोड़ते हैं।
- प्रसंग – राहुल के भाषण के बाद
गणेशजी ने कहा जब उसने ईमानदारी को नकारा।
- चरित्र – यह राहुल की
स्वार्थपरक सोच दर्शाती है।
- महत्त्व – यह बताता है कि
ईमानदारी से हटने वाले को अंत में पछताना ही पड़ता है।
भाग B उत्तर
- प्रतीकात्मक अर्थ – जीवन में कुछ बातें
जैसे उसूल, सत्य, और ईमानदारी ऐसी होती हैं जिन्हें कभी नहीं मिटाया
जाना चाहिए।
- नैतिक शिक्षा – चालाकी से नहीं, बल्कि उसूलों और ईमानदारी से जीवन में सच्ची सफलता
मिलती है।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
सिद्धांत
|
नियम या उसूल
|
ख
|
|
8
|
आत्ममंथन
|
सोच या विचार करना
|
क
|
|
9
|
हेरफेर
|
छेड़छाड़ करना
|
ग
|
|
10
|
अडिग
|
जिसे हिलाया न जा सके
|
घ
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ख) शिक्षक
- ✔ (ख) चालाकी
- ✔ (ग) गाँव में शिक्षा केंद्र शुरू किया
पाठांश
ग -
भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “प्राचीन ग्रंथों में अतिथि उस व्यक्ति को कहा गया है जो
बिना पूर्व सूचना के आए।”
25. सही
औचित्य: “‘अतिथि देवो भवः’ का शाब्दिक अर्थ है – अतिथि ईश्वर के समान
होता है।”
26. गलत
औचित्य: “यह भारतीय संस्कृति की परंपरा है, जिसे सरकार ने
अभियान में बदला।”
27. गलत
औचित्य: “यह सेवा केवल भौतिक नहीं, बल्कि आत्मीयता और मानवीय
गरिमा से भी जुड़ी है।”
28. गलत
औचित्य: “बदलते समय में भी इसका सांस्कृतिक मूल्य आज भी अटल है।”
भाग B – शब्दार्थ
29. मेहमान के प्रति भावनात्मक
अपनत्व: आत्मीयता
30. बिना पूर्व सूचना के आने वाला आगंतुक: अतिथि
31. सेवा में शिष्टाचार और सद्भाव: सत्कार
32. राष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया अभियान: अतिथि देवो भवः
33. भारतीय सभ्यता की जड़ में बसी परंपरा: अतिथि सेवा /
मेहमाननवाज़ी
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → क. ईश्वर तुल्य आगंतुक
35. [-35-] → ख. ऋषियों की परंपरा
36. [-36-] → ग. पर्यटन में संस्कृति
37. [-37-] → घ. भावनाओं की सेवा
38. [-38-] → ङ. बदलते युग की चुनौती
इकाई-20
भाग – क : लघु उत्तरीय
उत्तर
- रील्स का आरंभ
मनोरंजन के उद्देश्य से हुआ था जिसमें लोग नाच, गाने, अभिनय आदि
के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाते थे।
- रील्स ने युवाओं में
कृत्रिम छवि बनाने, दिखावे की प्रवृत्ति, और तुलना की
मानसिकता को बढ़ावा दिया है।
- कृत्रिम छवि का अर्थ
है– असली व्यक्तित्व को छिपाकर ऐसा दिखावा करना जो सच न हो; इससे
आत्मविश्वास में कमी, अवसाद और आत्मग्लानि जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
- शिक्षा, पर्यावरण
जागरूकता, स्वास्थ्य, प्रेरणा और सामाजिक
कार्यों जैसे क्षेत्रों में रील्स का सकारात्मक उपयोग हो रहा है।
- लेखक के अनुसार
रील्स को विवेक, संतुलन और ज़िम्मेदारी से प्रयोग करना चाहिए ताकि यह
सकारात्मक प्रभाव डाल सके।
भाग – ख : बहुविकल्पी
उत्तर
- ✅ b) 15 से 60 सेकंड
- ✅ c) अवसाद
- ✅ b) वास्तविकता
का
- ✅ b) दिखावटी
जीवन
भाग – ग : रिक्त स्थान
उत्तर
- स्वीकृति
- असली पहचान
- चिंता, अवसाद
- रचनात्मकता
- दूरी
पाठांश ख -
“प्राण पखेरू” वर्कशीट
भाग A उत्तर
- भावार्थ – कुसुम यह कहना चाहती
है कि वह हार नहीं मानेगी, क्योंकि उसका स्वभाव संघर्ष करते हुए जीना है।
- स्पष्टता – शरीर तो दवाइयों से
ठीक हो सकता है,
लेकिन ज़िंदगी से लड़ने की ताकत व्यक्ति के भीतर से
आती है।
- भावना – यह कल्पना उसके आत्मबल, आशावाद और जीवित रहने की इच्छा को दर्शाती है।
- संदेश – जीवन में इच्छाशक्ति
और उम्मीद हो तो कोई भी कठिनाई असंभव नहीं रहती।
भाग B उत्तर
- प्रतीकात्मक अर्थ – "प्राण पखेरू"
आत्मा, आशा, इच्छाशक्ति और आत्मबल का प्रतीक है।
- प्रेरणा – मुश्किलों में भी हार
न मानने की भावना, सामूहिक सहयोग की शक्ति और आत्म-विश्वास का महत्व।
भाग C उत्तर
|
प्रश्न
|
शब्द
|
अर्थ
|
विकल्प
|
|
7
|
जीवटता
|
हिम्मत और धैर्य से लड़ने की शक्ति
|
घ
|
|
8
|
महामारी
|
बड़ी बीमारी जो तेजी से फैले
|
ख
|
|
9
|
जिजीविषा
|
ज़िंदा रहने की प्रबल इच्छा
|
ग
|
|
10
|
अव्वल
|
शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाला
|
क
|
भाग D उत्तर (MCQs)
- ✔ (ग) अपने तोते को
- ✔ (ग) गाँववालों ने पैसे इकट्ठे किए
- ✔ (ख) “जीवटता उसकी अपनी है।”
पाठांश ग - भाग A – सही/गलत
24. गलत
औचित्य: “कन्या पूजन का
आयोजन घरों, मंदिरों, आश्रमों और
स्कूलों में होता है।”
25. सही
औचित्य: “यह पूजा देवी
दुर्गा के नौ रूपों की प्रतीक मानी जाती है।”
26. गलत
औचित्य: “यह परंपरा समाज
के व्यवहार और सोच को दिशा देती है।”
27. सही
औचित्य: “आज कन्या पूजन
सामाजिक परिवर्तन और नारी सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुका है।”
28. गलत
औचित्य: “आज भी स्कूल और
संगठन इसे जनजागरण अभियान के रूप में मना रहे हैं।”
भाग B – शब्दार्थ
29. नारी के रूप में देवी की
प्रतीक परंपरा: कन्या पूजन
30. सामाजिक सोच
में परिवर्तन का माध्यम: जनजागरण
31. आत्मसम्मान और
आत्मनिर्भरता का संदेश: नारी सशक्तिकरण
32. पुराणों में
वर्णित शक्ति रूप: नवदुर्गा
33. धार्मिक क्रिया
जो बेटी के प्रति सम्मान दर्शाए: कन्या पूजन
भाग C – शीर्षक पूर्ति
34. [-34-] → क. शक्ति की प्रतिमा
35. [-35-] → ङ. नारी सम्मान की सांस्कृतिक परंपरा
36. [-36-] → ख. देवी दर्शन का उत्सव
37. [-37-] → ग. धार्मिकता से सामाजिकता तक
38. [-38-] → घ. सामाजिक जागरूकता की मशाल